महिला सशक्तिकरण से ही नव भारत का निर्माण संभव

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महिलाओं के सशक्तिकरण और विकास से ही नव भारत का निर्माण संभव है। इसके लिए सरकार और समाज को मिलकर सार्थक प्रयास करने होंगे। यह बात उप राष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने आज भोपाल में आयोजित महिला स्व सहायता समूहों के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह सम्मेलन कार्यक्रम में कही। श्री नायडू ने कहा कि परिवार की संपत्ति में पुरुषों के समान महिलाओं को भी हक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रतिभा को पहचान कर नई दिशा देने की जरूरत है। साथ उन्हें समुचित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी उपलब्ध कराना होगा। महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अवसरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं हेतु समुचित आरक्षण का प्रावधान किया जाना समय की मांग है। महिलाओं में शिक्षा का प्रसार और आर्थिक सशक्तिकरण बेहद जरूरी है। एक महिला को शिक्षित करने से उसका पूरा परिवार शिक्षित होता है। पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षण के शुरुआती दिनों को याद करते हुए श्री नायडू ने कहा कि महिलाओं ने सब आशंकाओं को दूर करते हुए अपनी नेतृत्व क्षमता प्रमाणित की है। आवश्यकता है कि उन्हें और प्रोत्साहन एवं अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

श्री नायडू ने कहा कि महिलाओं के प्रति आदर और गौरवपूर्ण व्यवहार हमारे देश के चिंतन का मूलभूत सिद्धांत रहा है और महिलाओं ने समाज के आधे हिस्से के रूप में आदि काल से लेकर आज तक हर क्षेत्र में अपनी प्रमाणिकता, प्रासंगिकता, क्षमता और सामर्थ्य का भरपूर परिचय दिया है। स्व सहायता समूहों की उपयोगिता के बारे में उप राष्ट्रपति ने कहा कि संगठन की शक्ति का प्रतीक बनकर उभर रहे स्व सहायता समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अवसर प्राप्त होने पर महिलाएं नये भारत के निर्माण में भरपूर योगदान देने की सामर्थ्य रखती हैं। उन्होंने आह्वान किया कि महिलाएं जागरूक होकर आगे बढ़ें और अपने परिवार, समाज और देश के नव निर्माण में योगदान देने की अपनी क्षमता का भरपूर इस्तेमाल करें।

इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि महिलाओं के स्व सहायता समूहों के बनाए उत्पाद गुणवत्ता में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों को टक्कर देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप मध्य प्रदेश में बेटियों और महिलाओं के सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं को प्राथमिकता दी जाती है। श्री चौहान ने कहा कि स्व सहायता समूहों के प्रयासों से प्रदेश के पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों में भी विकास और बदलाव साफ देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश शासन द्वारा स्कूली विद्यार्थियों को दिए जानेवाली यूनिफॉर्म भी महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम सिलवाकर वितरित कराई जाएगी। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के कई मंत्री, जन प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आईं महिला स्व सहायता समूहों की सदस्य महिलाएं भी उपस्थित थीं।  

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