कर्ज से आजादी की मांग दिल्ली में आज किसानों का प्रदर्शन

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किसान अपने उत्पाद के लिए बेहतर कीमतों और कर्ज से पूरी आजादी की मांग करेंगे. समिति के मुताबिक प्रदर्शन में करीब 180 किसान संगठनों के सदस्यों के भाग लेने की उम्मीद है.
किसानों की खेती की लागत बढ़ गई है और उर्वरक, बीज, कीटनाशक, डीजल, सिंचाई के ट्यूब, जेनरेटर, बिजली की कीमत में भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के लागू होने क बाद कृषि उपकरणों और तमाम सामग्रियों की खरीद के लिए राज्य सरकारों की ओर से दी जाने वाली छूट की व्यवस्था नहीं रह जायेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें कृषि के साजोसामान और तमाम लागत वस्तुओं की खरीद के लिए जो सिब्सडी दे रही थी उसे नयी व्यवस्था के कारण रोक दिया जायेगा। उन्होंने वित्त मंत्री अरूण जेटली से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कराधान की नीति से कृषि के सांसाधन महंगे न हों।
अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष अशोक धावले ने कहा, ‘‘हमारी मुख्य मांग सही कीमत आंकलन के साथ वैध हक के तौर पर पूर्ण लाभकारी कीमतें और उत्पादन लागत पर कम से कम 50 फीसदी का लाभ अनुपात पाना है. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम फौरन व्यापक कर्ज माफी सहित कर्ज से आजादी की मांग करेंगे.’’ उन्होंने कहा कि किसानों की कर्ज की समस्या के हल के लिए सांविधिक संस्थागत तंत्र स्थापित किए जाने की भी मांग की जाएगी.

धावले ने कहा, ‘‘यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि यदि वह चुने जाते हैं तो किसानों को अपनी फसलों के लिए अच्छी कीमतें मिलेंगी और स्वामाीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा.’’ एआईकेएससीसी के मुताबिक वर्तमान में लागत और आमदनी के बीच असंतुलन की वजह ईंधन, कीटनाशक, उर्वरक और यहां तक कि पानी सहित लागत की कीमतों में लगातार वृद्धि का होना है. इन चीजों का किसान सामना कर रहे हैं.

अखिल भारतीय किसान सभा के नेता ने कहा कि कीमतों में घोर अन्याय किसानों को कर्ज में धकेल रहा है, वे आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे हैं और देश भर में बार-बार प्रदर्शन हो रहे हैं.

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