कैंसर में दर्द का प्रबंधन जरूरी

श्रीराममूर्ति मेडिकल कालेज में कैंसर में दर्द के कंट्रोल पर विभिन्न मेडिकल कालेजों से आए कैंसर विशेषज्ञों ने साझा किया अपना अनुभव।
फोटो – मंच पर अतिथि डाक्टर को स्मृति चिह्न देते मेडिकल कालेज के चेयरमैन देव मूर्ति। दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ करती दिल्ली से आई डा. सुषमा भटनागर।

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संजीव गंभीर
बरेली। भोजीपुरा स्थित श्री राम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के एनेस्थीसिया विभाग द्बारा कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमें कैंसर की बीमारी के दौरान दर्द के प्रबंधन पर विशेषज्ञों ने अपना- अपना अनुभव साझा किया। देश के विभिन्न मेडिकल कालेजों एवं चिकित्सा संस्थानों से आए एनेस्थीसिया एवं कैंसर रोग विशेषज्ञों ने बताया कि कैंसर जैसे गम्भीर रोग के मरीजों को होने वाले असहनीय दर्द से निजात दिलाना बहुत जरूरी है। इसके लिए विभिन्न प्रकार की अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके दर्द को कम किया जा सकता है जिससे मरीज की परेशानी आधी हो सकती है। वर्कशाप के तहत कैंसर के मरीजों पर आपरेशन थियेटर से सजीव प्रसारण कर चिकित्सकों को प्रयोगात्मक ज्ञान भी दिया गया।

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सीएमई का उद्घाटन एम्स, दिल्ली से आई कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डा. सुषमा भटनागर, संस्थान के चेयरमैन देव मूर्ति, आईएसए -यूपी चैप्टर के अध्यक्ष डा आरके भास्कर, आईएसए बरेली चैप्टर के अध्यक्ष डा वीपी सिंघल एवं सचिव डा. रतन पाल सिंह एवं पूर्व अध्यक्ष डा. नवनीत अग्रवाल, संस्थान के प्राचार्य डा. जेके गोयल, सीएमई की आयोजक चेयरपर्सन डा. जूही सरन द्बारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन देव मूर्ति ने संस्थान में आये हुए मुख्य अतिथि एवं चिकित्सकों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि इस तरह की सीएमई एवं कांफ्रेंसों के आयोजन से चिकित्सा जगत में हो रहे नवीनतम अनुसंधानों की जानकारी का ज्ञान भावी चिकित्सकों एवं पीजी छात्रों को मिलता है। उन्होंने बताया कि संस्थान सदैव से ही चिकित्सा जगत में हो रहे नवीनतम अनुसंधानों की जानकारी के लिए तत्पर रहा है तथा भविष्य में भी सदैव अपना सहायोग बनाये रखेगा। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन श्री देव मूर्ति, मुख्य अतिथि एवं चैप्टर अध्यक्ष को पौधा देकर आभार व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर सीएमई की आयोजक सचिव डा. रिचा चन्द्रा द्बारा अपने उद्घाटन भाषण में देश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों एवं मेडिकल कालेजों से आये हुए समस्त चिकित्सा विशेषज्ञों का आभार प्रकट किया।

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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं एम्स दिल्ली से आई डा० सुषमा भटनागर ने कैंसर रोग से होने वाली असहसीन पीड़ा को किस प्रकार नियंत्रित किया जाये विषय पर अपना महत्वपूर्ण ब्याख्यान दिया। एम्स दिल्ली से ही आई डा. सीमा मिश्रा ने बच्चों में कैंसर के दर्द प्रबन्धन विषय पर अपना महत्वपूर्ण वक्तव्य प्रस्तुत किया। एसजीपीजीआई लखनऊ से आई डा. नीरज रस्तोगी ने कैंसर के दर्द प्रबन्धन में रेडियोथैरिपी की भूमिका विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि कैंसर के दर्द में रेडियोथैरिपी किस प्रकार एवं किस स्टेज में तथा कितनी की जानी चाहिए इस विषय पर अपना महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। इसी अवसर पर न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग, एसजीपीजीआई, लखनऊ से आये डा. अमिताभ आर्या ने कैंसर के दर्द प्रबन्ध में न्यूक्लियर मेडिसिन की भूमिका के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके बाद हैण्ड्स ऑन वर्कशाप का आयोजन किया गया जिसमें डीएसए लैब में कैंसर के चार मरीजों के ऊपर पेन प्रोसीजर्स डा. देवेन्द्र सिंह, सहारा हास्पिटल, लखनऊ द्बारा किये गये जिसका सजीव प्रसारण किया गया। उसके पश्चात अन्य चिकित्सकों द्बारा कैडवर के माध्यम से उसी पेन प्रोसीजर्स करके प्रयोगात्मक जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर कार्यक्रम की आयोजक चेयरपर्सन डा. जूही सरन ने बताया कि इस सीएमई एवं वर्कशाप का आयोजन कैंसर रोग से ग्रसित मरीजों को होने वाले असहनीय दर्द से निजात दिलाने एव इस दिशा में किये जा रहे अनुसंधानों की जानकारी साझा करने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने सभी आगन्तुकों का आभार किया गया।

इस सीएमई में देश के विभिन्न स्थानों से लगभग 15० चिकित्सों के साथ-साथ पीजी छात्रों ने भाग लिया। अन्त में सीएमई के आयोजन सचिव डा. महेश कश्यप द्बारा मुख्य अतिथि, देश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से आये हुए चिकित्सकों एवं प्रेस एवं मीडिया से आये हुए पत्रकार एवं छायाकार बन्धुओं एवं सभी गणमान्य अतिथियों का आभार प्रकट किया। साथ ही उन्होंने संस्थान के समस्त विभागाध्यक्षों एवं कर्मचारियों को इस कान्फ्रेंस की सफल अयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

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