बहुचर्चित निठारी कांड में सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा

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नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड में पहले ही विशेष अदालत मनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को दोषी करार दे चुकी है। अंजलि का मामला नोएडा की निठारी सीरीज ऑफ कैसेज का 9वां और चर्चित केस है। 2007 से यह मामला कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट ने गुरुवार को मनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को दोषी करार दे दिया। वकील की मानें तो 25 वर्षीय मृतका अंजलि वहां घरेलू नौकरानी के रूप में काम करती थी। अचानक अंजलि पंधेर की कोठी के सामने से गायब हो गई थी।केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई की स्थानीय अदालत ने निठारी दुष्कर्म एवं हत्याकांड के एक मामले में शुक्रवार को सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा सुनाई है।दोनों को यह सजा 25 वर्षीय अंजलि की हत्या के अपराध में सुनाई गई है। पंढेर और उसके नौकर कोली को गुरुवार को अंजलि की हत्या का दोषी करार दिया गया था।  इस केस में मनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 376, 364 के तहत मामला चलाया गया। इस मामले में सीबीआई ने 38 गवाह पेश किए।सीबीआई कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अंजलि हत्‍याकांड को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर माना और दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई. कोर्ट ने फैसले में कहा कि दोनों दोषियों को तब तक फांसी के तख्ते पर लटकाया जाए, जब तक उनके प्राण ना निकल जाएं. जनवरी 2015 – रिम्पा हलदर हत्या मामले में सुरिंदर कोली की फांसी की सजा को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उम्र क़ैद में तब्दील किया था.

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