किसानों के घरों में अनाजों के सुरक्षित भंडारण हेतु धातु कोठिला वितरण के लिए 250 लाख रूपये स्वीकृत

na@#

पटना – बिहार कृषि विभाग के मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य के अन्नदाता किसान भाई-बहन कड़ी मेहनत करके विभिन्न फसलों का उत्पादन तो कर लेते हैं, परन्तु उनके पास अनाज के भंडारण की उचित सुविधा नहीं होने के कारण वे अपने अनाजों को औने-पौने दाम में बेचने को मजबूर हो जाते हैं। घरों में अनाजों के सुरक्षित भंडारण की सुविधा उपलब्ध नहीं रहने के कारण उसमें चुहा लगने एवं अन्य कीड़ों से काफी नुकसान होता है। इस प्रकार, किसानों को आर्थिक क्षति झेलनी पड़ती है। किसानों के इन समस्याओं के समाधान हेतु कृषि विभाग द्वारा धातु कोठिला के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।

राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में राज्य योजना के अंतर्गत अन्य भण्डारण योजना के तहत् किसानों के बीच धातु कोठिला वितरण हेतु 249.99548 लाख रूपये व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है। अनाज को सुरक्षित रखने के लिए धातु कोठिला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह योजना कार्यान्वित की जा रही है। सुरक्षित भण्डारण से अनाज का नुकसान नहीं होगा तथा खाद्य सुरक्षा की महती लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा। 5 क्विंटल क्षमता के धातु कोठिला के लिए सामान्य के किसानों को मूल्य का 40 प्रतिशत अधिकत्तम 906 रूपया प्रति इकाई एवं अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी के किसानों को मूल्य का 56 प्रतिशत अधिकत्तम 1,268 रूपये प्रति इकाई अनुदान दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अन्न भंडारण हेतु धातु कोठिला के लिए अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। धातु कोठिला छोटे किसानों के लिए काफी उपयोगी है। अनुदानित दर पर खरीदे जाने वाले धातु कोठिला 0.62 मिलीमीटर जी॰आई॰ सीट आई॰एस॰आई॰ मार्का होना आवश्यक है। राज्य के सभी जिलों के लिए भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 26,254 धातु कोठिला पर 249.99548 लाख रूपये अनुदान दिया जायेगा।

उन्होंने आगे कहा कि पूर्व के वर्षों में इस योजना के अंतर्गत लाभान्वितों का चयन ‘‘पहले आओ पहले पाओ’’ के आधार पर किया जायेगा। किसानों द्वारा ठीक ढ़ंग से अन्न भंडारण करने पर उन्हें अनाज की सही कीमत मिल सकेगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और वे खुशहाल होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *